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Question
Chandra Mohan Pandey
प्रश्न : jadi buti ki dawai banani hai

पुर्ननवाया मूलं तु शुभ्रं गोघतमिश्रितम् ।
अंजितं हरति क्षिप्रं नेत्रान्तोरगता रूज: ।।

समय : 12:18:13 | दिनाँक : 18/08/2020
विषय : please
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Answer
डॉ विवेकानन्द पाण्डेय

पुर्ननवाया मूलं तु शुभ्रं गोघतमिश्रितम् ।
अंजितं हरति क्षिप्रं नेत्रान्तोरगता रूज: ।।

सफेद पुनर्नवा की जड़ को गाय के घी में मिलाकर बनाया गया अंजन (काजल) नेत्र से सम्बन्धित रोगों को शीघ्र ही हर लेता है ।

हालांकि मैंने आयुर्वेद नहीं पढ़ा है फिर भी इस छन्द का भावार्थ प्रायः यही होना चाहिये ।

समय : 07:47 PM | दिनाँक : 29/08/2020
Answer
Balmukunda

Isme kya karna hai vo battayen, kya anuvad karna hai ??

समय : 10:43:59 | दिनाँक : 28/08/2020