तवल्लकार म‍हर्षि जैमिनि का नाम है<br />
इन्‍हीं के द्वारा अधिकाधिक दृष्‍ट मन्‍त्रों के कारण सम्‍भवत: सामवेद की एक शाखा का नाम ही तवल्‍कार शाखा है ।<br />
<br />
सन्धि विच्‍छेद के हिसाब से देखें तो<br />
तव + लृकार = तवल्‍कार<br />
गुण सन्धि<br />
तव माने तुम्‍हारा, लृकार माने लृ ।<br />
लृ माने सम्‍पत्ति ।<br />
इस तरह से समग्र अर्थ हुआ तुम्‍हारी सम्‍पत्ति ।
टिप्पणियाँ
इन्‍हीं के द्वारा अधिकाधिक दृष्‍ट मन्‍त्रों के कारण सम्‍भवत: सामवेद की एक शाखा का नाम ही तवल्‍कार शाखा है ।<br />
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सन्धि विच्‍छेद के हिसाब से देखें तो<br />
तव + लृकार = तवल्‍कार<br />
गुण सन्धि<br />
तव माने तुम्‍हारा, लृकार माने लृ ।<br />
लृ माने सम्‍पत्ति ।<br />
इस तरह से समग्र अर्थ हुआ तुम्‍हारी सम्‍पत्ति ।