पलायन का प्रकृति-प्रत्यय विभाग = परा + अय् + ल्युट् है<br />
यहाँ परा उपसर्ग है जिसके र् को ल् आदेश हो जाता है<br />
अय् धातु है तथा <br />
ल्युट् प्रत्यय है जिसको अन आदेश हो कर पलायन शब्द बनता है । यहाँ पला + अय् के मध्य दीर्घ सन्धि अवश्य होती है । बाकी और कहीं सन्धि का स्थान नहीं है ।
टिप्पणियाँ
यहाँ परा उपसर्ग है जिसके र् को ल् आदेश हो जाता है<br />
अय् धातु है तथा <br />
ल्युट् प्रत्यय है जिसको अन आदेश हो कर पलायन शब्द बनता है । यहाँ पला + अय् के मध्य दीर्घ सन्धि अवश्य होती है । बाकी और कहीं सन्धि का स्थान नहीं है ।