जयति/ जयते

प्रश्नकर्ता: हर्शदा | 09/06/2021 | 11:39 PM
व्याकरण

सत्यमेव जयते। यहा जयते व्याकरण दृष्टी से कैसे योग्य है?
टिप्पणियाँ
डॉ. विवेकानन्द पाण्डेय09/07/2021 | 09:42 PM
सत्यमेव जयति नानृतम् &ndash; यह मुण्डकोपनिषद् का वाक्य है । जयति शब्द जि धातु से लट् लकार प्र.पु. एकवचन में बनता है । क्यूँकि जि धातु नित्य परस्मैपदी है इसलिये जयते शब्द अशुद्ध है ।<br />
जयते शब्द केवल वि और परा उपसर्ग पूर्वक ही आत्मनेपदी रूप में विजयते और पराजयते बनेगा ।<br />
इस तरह शुद्ध वाक्य है &ndash; सत्यमेव जयति अथवा सत्यमेव विजयते ।<br />